॥ श्री राम जय राम जय जय राम ॥ॐ भक्ति, शक्ति और विश्वास
भक्ति श्रेणी

Blog

सनातन परंपरा, श्रीराम और बजरंगबली से जुड़ी प्रामाणिक सामग्री।

131 लेखनवीनतम पहले
श्री हनुमान वडवानल स्तोत्र (Shri Hanuman Vadvanal Stotra)

श्री हनुमान वडवानल स्तोत्र (Shri Hanuman Vadvanal Stotra)

श्री हनुमान वडवानल स्तोत्र विनियोग ॐ अस्य श्री हनुमान् वडवानल-स्तोत्र-मन्त्रस्य श्रीरामचन्द्र ऋषिः, श्रीहनुमान् वडवानल देवता, ह्रां बीजम्, ह्रीं शक्तिं, सौं कीलकं, मम…

पूरा पढ़ें →
श्री हनुमान साठिका (Shri Hanuman Saathika)

श्री हनुमान साठिका (Shri Hanuman Saathika)

श्री हनुमान साठिका ॥दोहा॥ बीर बखानौं पवनसुत,जनत सकल जहान । धन्य-धन्य अंजनि-तनय , संकर, हर, हनुमान्॥ ।।चौपाइयां।। जय-जय-जय हनुमान अडंगी | महावीर…

पूरा पढ़ें →
श्रीहनुमत्स्तोत्रं विभीषणकृतम् (Shri Hanumatstotram Vibhishan Kritam)

श्रीहनुमत्स्तोत्रं विभीषणकृतम् (Shri Hanumatstotram Vibhishan Kritam)

श्रीहनुमत्स्तोत्रं विभीषणकृतम् श्रीगणेशाय नमः । नमो हनुमते तुभ्यं नमो मारुतसूनवे । नमः श्रीरामभक्ताय श्यामास्याय च ते नमः ॥ १॥ नमो वानरवीराय सुग्रीवसख्यकारिणे…

पूरा पढ़ें →
हनुमत्कृतं श्रीरामस्तोत्रम् (Hanumatkritam Shri Ram Stotram)

हनुमत्कृतं श्रीरामस्तोत्रम् (Hanumatkritam Shri Ram Stotram)

हनुमत्कृतं श्रीरामस्तोत्रम् कोन्वीश ते पादरसोबभाजां सुदुर्लभोऽर्थेषु चतुर्ष्वपीह । तथाऽपि नाहं प्रवृणोमि भूमन् भवत्पदाम्भोजनिषेवणादृते ॥ १॥ त्वमेव साक्षात्परमः स्वतन्त्रस्त्वमेव साक्षादखिलोरुशक्तिः । त्वमेव चागण्यगुणार्णवः…

पूरा पढ़ें →
श्री आञ्जनेयमङ्गलाष्टकम् (Shri Aanjaney Mangalashtakam)

श्री आञ्जनेयमङ्गलाष्टकम् (Shri Aanjaney Mangalashtakam)

श्री आञ्जनेयमङ्गलाष्टकम् कपिश्रेष्ठाय शूराय सुग्रीवप्रियमन्त्रिणे । जानकीशोकनाशाय आञ्जनेयाय मङ्गलम् ॥ १॥ मनोवेगाय उग्राय कालनेमिविदारिणे । लक्ष्मणप्राणदात्रे च आञ्जनेयाय मङ्गलम् ॥ २॥ महाबलाय…

पूरा पढ़ें →
एकादशमुखहनुमत्कवचम् (Ekadashamukh Hanumatkavacham)

एकादशमुखहनुमत्कवचम् (Ekadashamukh Hanumatkavacham)

एकादशमुखहनुमत्कवचम् श्रीगणेशाय नमः । लोपामुद्रा उवाच । कुम्भोद्भव दयासिन्धो श्रुतं हनुमतः परम् । यन्त्रमन्त्रादिकं सर्वं त्वन्मुखोदीरितं मया ॥ १॥ दयां कुरु मयि…

पूरा पढ़ें →
यत्र यत्र रघुनाथ कीर्तनं – हनुमान जी की अनन्य भक्ति का प्रतीक

यत्र यत्र रघुनाथ कीर्तनं – हनुमान जी की अनन्य भक्ति का प्रतीक

यत्र यत्र रघुनाथ कीर्तनं – हनुमान जी की अनन्य भक्ति का प्रतीक हनुमान जी की भक्ति का वर्णन जितना किया जाए, उतना…

पूरा पढ़ें →
हनुमान जी को कितने पान के पत्ते अर्पित करें? सही विधि और लाभ

हनुमान जी को कितने पान के पत्ते अर्पित करें? सही विधि और लाभ

हनुमान जी को कितने पान के पत्ते अर्पित करें? सही विधि और लाभ पान के पत्ते (बेल पत्र) हिंदू पूजा विधियों में…

पूरा पढ़ें →
हनुमान जी की पत्नी कौन थीं? पौराणिक कथा, विश्वास और तथ्य

हनुमान जी की पत्नी कौन थीं? पौराणिक कथा, विश्वास और तथ्य

हनुमान जी की पत्नी कौन थीं? पौराणिक कथा, विश्वास और तथ्य भगवान हनुमान, जो श्रीराम के अनन्य भक्त और अतुलनीय शक्ति, भक्ति…

पूरा पढ़ें →