॥ श्री राम जय राम जय जय राम ॥ॐ भक्ति, शक्ति और विश्वास

हनुमान जी की पूजा कैसे करें: 7 आसान चरणों में सही विधि

बहुत से भक्त यह जानना चाहते हैं कि हनुमान जी की पूजा कैसे करें, ताकि उन्हें संकटमोचन हनुमान जी की पूर्ण कृपा प्राप्त हो सके। सही विधि, सामग्री और श्रद्धा…

हनुमान जी की पूजा कैसे करें: 7 आसान चरणों में सही विधि
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  1. पूजा का सर्वोत्तम दिन और समय
  2. पूजन सामग्री सूची
  3. हनुमान जी की पूजा कैसे करें: 7 चरण
  4. पूजा के समय बोले जाने वाले मंत्र
  5. पूजा के नियम और सावधानियां
  6. पूजा के लाभ
  7. निष्कर्ष
hanuman-ji-ki-pooja-kaise-kare.jpg बहुत से भक्त यह जानना चाहते हैं कि हनुमान जी की पूजा कैसे करें, ताकि उन्हें संकटमोचन हनुमान जी की पूर्ण कृपा प्राप्त हो सके। सही विधि, सामग्री और श्रद्धा भाव से की गई पूजा शीघ्र फलदायी मानी जाती है। हनुमान जी को भक्ति, शक्ति और सेवा भाव का प्रतीक माना जाता है। इसीलिए उनकी पूजा में सरलता और सच्चे मन की सबसे अधिक अहमियत होती है। इस लेख में हम आपको हनुमान जी की पूजा का सही दिन, आवश्यक सामग्री, चरण-दर-चरण विधि, मंत्र और नियम विस्तार से बताएंगे।

पूजा का सर्वोत्तम दिन और समय

हनुमान जी की पूजा के लिए मंगलवार और शनिवार का दिन सबसे उत्तम माना जाता है। इन दोनों दिनों को हनुमान जी का प्रिय वार कहा जाता है। पूजा के लिए सुबह सूर्योदय के समय या संध्या के समय दोनों ही उपयुक्त माने जाते हैं। सही मुहूर्त जानने के लिए आप पंचांग की सहायता ले सकते हैं।

पूजन सामग्री सूची

पूजा शुरू करने से पहले निम्नलिखित सामग्री एकत्र कर लें:
  • हनुमान जी की मूर्ति या चित्र
  • सिंदूर और चमेली का तेल
  • लाल फूल और लाल वस्त्र
  • घी या तेल का दीपक
  • अगरबत्ती और धूप
  • चोला चढ़ाने के लिए मौली (कलावा)
  • गुड़-चना या बूंदी का भोग
  • जनेऊ (यदि उपलब्ध हो)

हनुमान जी की पूजा कैसे करें: 7 चरण

नीचे दिए गए 7 आसान चरणों का पालन कर आप घर पर सही ढंग से हनुमान जी की पूजा कर सकते हैं:
  1. स्नान करें: सबसे पहले स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. आसन ग्रहण करें: पूजा स्थान को साफ करके हनुमान जी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें।
  3. दीप प्रज्वलित करें: घी का दीपक और अगरबत्ती जलाएं।
  4. सिंदूर अर्पित करें: चमेली के तेल में सिंदूर मिलाकर हनुमान जी को अर्पित करें।
  5. लाल वस्त्र व फूल चढ़ाएं: लाल फूल, लाल वस्त्र और मौली अर्पित करें।
  6. पाठ करें: श्रद्धा भाव से हनुमान चालीसा या हनुमान अष्टक का पाठ करें।
  7. भोग व आरती करें: गुड़-चना या बूंदी का भोग लगाकर आरती करें और प्रसाद वितरित करें।

पूजा के समय बोले जाने वाले मंत्र

पूजा के दौरान निम्नलिखित सरल मंत्रों का जाप किया जा सकता है:
  • ॐ हं हनुमते नमः।
  • ॐ श्री हनुमते नमः।
  • मनोजवं मारुततुल्यवेगं जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।
इन मंत्रों का जाप करते समय मन को एकाग्र रखें और श्रद्धा भाव बनाए रखें।

पूजा के नियम और सावधानियां

हनुमान जी की पूजा करते समय कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए:
  • पूजा से पहले और पूजा के दौरान मन में शुद्ध और सात्विक भाव रखें।
  • ब्रह्मचर्य का पालन करने वाले भक्त हनुमान जी को विशेष प्रिय माने जाते हैं, इसलिए आचरण में संयम रखें।
  • महिलाएं मासिक धर्म के दौरान मूर्ति स्पर्श करने से बचें, केवल दूर से दर्शन और पाठ कर सकती हैं।
  • पूजा में तामसिक भोजन या नशे की वस्तुओं से पूर्ण परहेज करें।
  • पूजा नियमित रूप से करें, बीच में न छोड़ें।

पूजा के लाभ

नियमित रूप से सही विधि से हनुमान जी की पूजा करने से भक्तों को निम्न लाभ मिलने की मान्यता है:
  • संकटों से मुक्ति: जीवन की बाधाएं और परेशानियां दूर होती हैं।
  • भय और नकारात्मकता से रक्षा: मानसिक भय और बुरी शक्तियों से सुरक्षा मिलती है।
  • आत्मबल में वृद्धि: साहस, आत्मविश्वास और मानसिक शक्ति बढ़ती है।
  • कार्य सिद्धि: रुके हुए कार्यों में सफलता और प्रगति मिलती है।
  • पारिवारिक सुख-शांति: घर में सकारात्मक ऊर्जा और सौहार्द बना रहता है।

निष्कर्ष

हनुमान जी की पूजा कैसे करें, यह जानना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है इसे सच्ची श्रद्धा और नियमपूर्वक करना। सही सामग्री, विधि और मंत्रों के साथ की गई पूजा शीघ्र फलदायी होती है। नियमित भक्ति भाव से हनुमान जी की पूजा करने वाले भक्तों को संकटमोचन हनुमान जी का विशेष आशीर्वाद और सुरक्षा प्राप्त होती है। जय हनुमान, जय संकटमोचन!

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